उपलब्ध उपचार, उनके उद्देश्य और परामर्श के दौरान पूछे जाने वाले सवालों को समझें। उपचार सुझाने से पहले डॉ. अजय आपके दाँतों, मसूड़ों और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी की जाँच करेंगे। उपचार की उपयुक्तता और मुलाक़ातों की संख्या आपकी व्यक्तिगत ज़रूरतों पर निर्भर करती है।
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दंत जाँच, फ़िलिंग और स्केलिंग
दंत जाँच में दाँतों, मसूड़ों और मुँह की जाँच होती है। आप दर्द, संवेदनशीलता या अन्य परेशानी बता सकते हैं। फ़िलिंग से दाँत की कैविटी या क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत की जाती है। स्केलिंग से जमे हुए कठोर पदार्थ हटाए जाते हैं, जो सामान्य ब्रश से नहीं निकलते।
दंत चिकित्सक जाँच के निष्कर्ष समझाकर बताएँगे कि सफ़ाई, फ़िलिंग या किसी अन्य उपचार की ज़रूरत है या नहीं। आप ब्रश करने, दाँतों के बीच सफ़ाई और अगली जाँच के समय के बारे में भी पूछ सकते हैं।
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रूट कैनाल और क्राउन
रूट कैनाल उपचार में दाँत के अंदर संक्रमित ऊतक की सफ़ाई करके जड़ की नलिकाओं को भरा और बंद किया जाता है। इससे ऐसे दाँत को बचाने में मदद मिल सकती है जिसे अन्यथा निकालना पड़े। क्राउन दाँत पर लगाया जाने वाला आवरण है, जो केवल फ़िलिंग पर्याप्त न होने पर दाँत को बहाल करने और उसकी सुरक्षा में मदद करता है।
जाँच और ज़रूरत पड़ने पर एक्स-रे से पता चलता है कि दाँत की मरम्मत संभव है या नहीं। उपचार के चरण, अंतिम फ़िलिंग या क्राउन और बाद की देखभाल के बारे में पूछें। उपचार में एक से अधिक मुलाक़ात लग सकती है।
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दाँत निकालना, अक्ल दाढ़ और छोटी सर्जरी
जब दाँत बचाना संभव न हो, तो उसे निकालने पर विचार किया जा सकता है। अक्ल दाढ़ की स्थिति या उसके आसपास की परेशानी के कारण उपचार की ज़रूरत पड़ सकती है; हर अक्ल दाढ़ निकालना ज़रूरी नहीं है। जाँच के अनुसार दाँत सामान्य तरीके से या सर्जरी द्वारा निकाला जा सकता है।
मुँह की छोटी सर्जरी में मुँह व चेहरे की चोटों का आकलन और मुँह के लाल या सफ़ेद घावों अथवा बढ़े हुए ऊतक की बायोप्सी भी शामिल है। बायोप्सी में निदान में सहायता के लिए ऊतक का छोटा नमूना जाँच के लिए लिया जाता है। ज़रूरत पर विशेषज्ञ की नियुक्ति की व्यवस्था होती है। प्रक्रिया और बाद की देखभाल उपचार से पहले समझाई जाती है।
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बच्चों की दंत चिकित्सा
बच्चों की देखभाल में विकसित हो रहे दाँतों की जाँच, कैविटी की फ़िलिंग और माता-पिता के साथ रोज़ की सफ़ाई की आदतों पर चर्चा शामिल है। दूध के दाँत के अंदर संक्रमण होने पर पल्पेक्टॉमी पर विचार हो सकता है: प्रभावित ऊतक हटाकर जड़ की नलिकाओं का उपचार किया जाता है।
न बचाए जा सकने वाले दाँत के लिए नियोजित निष्कर्षण उचित हो सकता है। माता-पिता या देखभालकर्ता से विकल्पों पर चर्चा करने से पहले बच्चे की उम्र, दाँत की स्थिति और विकास का चरण देखा जाता है। उपलब्ध दंत रिकॉर्ड साथ लाएँ और दवाओं या एलर्जी की जानकारी दें।
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स्माइल मेकओवर और दाँतों की सफ़ेदी
स्माइल परामर्श की शुरुआत आपकी अपेक्षाओं और दाँतों के स्वास्थ्य की जाँच से होती है। व्हाइटनिंग का उद्देश्य प्राकृतिक दाँतों का रंग हल्का करना है। विनीयर चुने हुए दाँतों की सामने की सतह को ढककर उनके रूप में बदलाव करते हैं। स्माइल मेकओवर में उपयुक्त उपचारों का संयोजन हो सकता है।
निर्णय से पहले अपेक्षाओं, दाँतों और मसूड़ों की स्थिति, संभावित संवेदनशीलता, रखरखाव और विकल्पों पर चर्चा करें। विवाह या किसी अन्य अवसर की तैयारी हो तो पहले से परामर्श लें, ताकि उचित समय-योजना पर बात हो सके। परिणाम और उपचार के विकल्प हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकते हैं।
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मसूड़ों की देखभाल
मसूड़ों की देखभाल में दाँतों को सहारा देने वाले ऊतकों की जाँच की जाती है। खून आना, सूजन या मसूड़ों में बदलाव के बारे में परामर्श के दौरान बताएँ। उपचार में पेशेवर सफ़ाई और रोज़ की सफ़ाई की सलाह शामिल हो सकती है। जाँच के अनुसार गहरी सफ़ाई या मसूड़ों की सर्जरी पर विचार हो सकता है।
डॉ. अजय की MDS विशेषज्ञता पीरियोडॉन्टोलॉजी में है। पहले से अन्य बीमारियों वाले लोगों के दंत उपचार की योजना में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और दवाएँ भी ध्यान में रखी जाती हैं। अपनी मौजूदा पर्चियाँ और संबंधित रिपोर्ट साथ लाएँ तथा स्वास्थ्य में हुए बदलाव बताएँ।
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डेंटल इम्प्लांट
डेंटल इम्प्लांट जबड़े में लगाया जाता है और बदले हुए दाँत या दाँतों को सहारा देता है। योजना बनाते समय खाली जगह, मसूड़े, उपलब्ध हड्डी और सामान्य स्वास्थ्य देखे जाते हैं। इम्प्लांट चर्चा करने योग्य एक विकल्प है; यह हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होता।
इम्प्लांट देखभाल में जाँच, उपचार की योजना और ठीक होने के दौरान समीक्षा शामिल होती है। चरण और समय स्थिति के अनुसार तय होते हैं। ज़रूरत पर आने वाले विशेषज्ञ से नियुक्ति की व्यवस्था की जा सकती है। निर्णय से पहले विकल्पों, उपचार के चरणों, रखरखाव और प्रस्तावित खर्च के बारे में पूछें।
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ब्रेसेज़ और नाइट गार्ड
ऑर्थोडॉन्टिक उपचार में ब्रेसेज़ या उपयुक्त उपकरणों से दाँतों की स्थिति और उनके आपस में मिलने के तरीके में सुधार किया जाता है। आने वाले ऑर्थोडॉन्टिस्ट दाँतों और बाइट की जाँच करके प्रस्तावित योजना समझाते हैं। उपचार में नियमित समीक्षा होती है और नियुक्ति पहले तय की जाती है।
नाइट गार्ड अलग उपकरण है: दाँत पीसने या भींचने से होने वाले नुकसान से दाँतों की सुरक्षा के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है। यह दाँत सीधे नहीं करता। जाँच से तय होता है कि गार्ड उपयुक्त है या नहीं और क्या अन्य आकलन की ज़रूरत है।
परामर्श के दौरान क्या होगा?
अपनी परेशानी बताएँ
लक्षणों, प्राथमिकताओं, स्वास्थ्य की स्थिति और मौजूदा दवाओं पर चर्चा करें। पुरानी पर्चियाँ, रिपोर्ट या एक्स-रे हों तो साथ लाएँ।
विकल्प समझें
जाँच के बाद उपचार का उद्देश्य, अन्य विकल्प, संभावित मुलाक़ातें, खर्च और बाद की देखभाल के बारे में पूछें। योजना आपकी स्थिति के अनुसार बनती है।
अगला कदम तय करें
रिसेप्शन अगली मुलाक़ात या आने वाले विशेषज्ञ की नियुक्ति तय करने में मदद कर सकता है। कॉलबैक अनुरोध पूछताछ है, आरक्षित अपॉइंटमेंट नहीं।
डेकेयर दंत चिकित्सा
उसी दिन किए जाने वाले दंत उपचार के लिए डेकेयर सेवा उपलब्ध है। व्यवस्था के लिए रिसेप्शन से बात करें।